एक ही थाली के चट्टे बट्टे नज़र आते हैं शरीफ-मोदी

[box]By Rahul[/box]

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शंघाई सहयोग संगठन में भारत और पाक ने आतंकवाद के मुद्दे पर सहमति जताई थी लेकिन पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ ने देश लौटते ही 26/11 हमले के आरोपी आतंकवादी लकवी की आवाज़ का नमूना देने से इंकार कर दिया. उन्होंने बड़ा बेतुका सा कारण देते हुए कहा कि पाक कानून आरोपी की ख़ुशी के खिलाफ जानें को इजाजत नही देता है. अगर ऐसा ही था तो इतने सालों से प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए यह पता नहीं था या भारत को बेवकूफ बनाने का कार्यक्रम चल रहा था?

इस मुलाकात में कश्मीर का मुद्दा छुआ तक नहीं गया. ऐसे में कश्मीर समस्या का समाधान कैसे होगा समझ से परे है या यहाँ भी सैनिकों को राष्ट्रवाद के उसूलों के लिए सूली पर चढ़ाया जाता रहेगा.

मोदी के शपथ ग्रहण से लेकर शंघाई तक दोनों देशों के रिश्तों में कई उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं चाहे वो मोदी का पाक से बातचीत करने से इंकार करना हो या फिर दोबारा शुरुआत जिसका विरोध एनडीए सहियोगी शिवसेना ने भी किया.

पाक में हिन्दू मन्दिर तोड़े जाते है. हिंदुओं की स्थिति का अंदाजा बहोरा समुदाय पर होने वाले हमलों से भी लगाया जा सकता है. दूसरी तरफ भारत भी पिछडा नहीं है क्योंकि पिछले एक साल में घर वापसी, लव जिहाद, गीता संस्कृत सारे मुद्दे आज भी जिन्दा हैं.

विदेश निति में पाक भी पीछे नहीं रहा है. इसका एक कारण यह भी है कि अभी हाल ही में चीन ने करीब 46 अरब डॉलर और रूस ने 20 अरब डॉलर के निवेश का समझौता किया है जो कि खुद में बड़ी सफलता है लेकिन जैसेजैसे भारत अमेरिका के पास जा रहा है पाकिस्तान अमेरिका से दूर और चीन, रूस के करीब होता जा रहा है. जोकि दोनों का दोहरा मापदंड है क्योंकि पहले रूस भारत का बड़ा दोस्त था अब अमेरिका है. वैसे ही समीकरण पाकिस्तान के साथ भी बदले हैं.

बहरहाल देखना होगा दोनों देश राष्ट्रवाद को कितना बेचते है क्योंकि आज तक खबरों में हमे एक ही तरफ की ख़बर मिलती है जिसमें पाक ने दोबारा हमला किया जैसी ख़बरें होती हैं और दूसरी तरफ भारत के लिए यही बात कही जाती है. दोनों देशों की जनता को उलझाए रखने का यही सबसे आसान तरीका तरीका है.

अंत में दोनों नेता एक ही थाली के चट्टे वटटे नजर आते है और कुछ नहीं!

अटाली दंगे- तब, अब और आगे

[box]By Ajay[/box]

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करीब 1 माहीने पहले जब अटाली गावँ में मंदिरमस्जिद के चलते विवाद उपजा तो इस विवाद पर सांप्रदायिक ताकतों की नजर पड गई. शुरूआत में तो गावँ के बहुसंख्यक समुदाय में 2 धड़े बंटे नज़र आए जिससे विवाद थामने की बजाए और बढ़ता चला गया. अपने जले घरों को छोड़ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने डर के मारे बल्लभगढ़ थाने में डेरा डाल लिया.

ओवैसी बनाम प्राची

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आपसी सुलह से विवाद को सुलझाने की कोशिश की जाने लगी. मगर आग में घी डालने दर्जन भर ओवैशी समर्थक कार में सवार होकर अटाली पहुँच गए. ओवैशी समर्थकों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को लड़ाई में मदद की पेशकश की पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समझदारी का परिचय देते हुए कहा की उन्हें यहीं एक साथ इसी गावँ में रहना है और ऐसा आपसी भाईचारे से ही संभव हो पाएगा और किस भी प्रकार की मदद लेने से मना कर दिया. जब चेलों से काम ना चल सका तो ओवैशी खुद अटाली पहुंचे. दूसरे पक्ष वाले भी कहां कम थे. उनकी तरफ से भी शांतिदूत के रूप में साध्वी प्राची ने आकर शांति का पैगाम दिया. ये पैगाम भी ऐसा ही था जैसे पैगाम के लिए वो जानी जाती हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही उठता है कि ऐसे तनावपूर्ण माहौल में ऐसे लोगों को गावं में आने की अनुमति क्यों दी गई?

कोई तो है जो आग में घी डाल रहा है

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केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुज्जर ने बातचीत के जरिए दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने का दावा तक कर दिया. जिसके बाद पुलिस के पहरे के बीच धीरेधीरे सबकुछ सामान्य होने लगा. गावँ से पलायन कर गए परिवार वापस अपने घरों में आ गए. मगर एक आग थी जो फिर भी भीतर ही भीतर धधक रही थी. कोई तो था जो दोनों पक्षों को भड़काने का काम कर रहा था. इसके बाद 1 जुलाई को मंदिर में कीर्तन करती महिलाओं पर किसी ने पत्थर फेकें दिया. पत्थर की चिंगरी ने एक बार फिर दोनों पक्षों को आमनेसामने लाकर खड़ा कर दिया. भारी पुलिस बल ने हालात पर कुछी घंटों में काबू पा लिया. डर के मारे अधिकांश अल्पसंख्यक परिवार पलायन कर गए. अपने घर में से समान समेट कर आसूं भरी आँखों से गावं से विदाई ले गए.

एक्शन में देर से आई पुलिस हुई हैरान

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इसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने गांव में तलाशी अभियान चलाया. तलाशी अभियान में जो निकल कर सामने आया वो सचमुच हैरान कर देने वाला था. छोटे मोटे कट्टे जैसे हथियार तो गावं में आम बात होते हैं मगर संप्रदाय विशेष के धार्मिक स्थल से ऐके-47 जैसे आधुनिक हाथियर मिलने से पुलिस के भी रौंगटे खड़े हो गए. वहीं धार्मिक स्थल में एक सुरंग भी पायी गई जिसका रास्ता गावं से बाहर जाकर निकलता है. सुरंग कुछ ही दिनों पहले ही बनाई गयी थी. जाहिर है ऐसा किसी बाहरी मदद के बिना संभव नहीं है. पुलिस ने सर्च अभियान तेज कर दिया है और जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज था उनकी गिरफ्तारियां भी शुरू कर दी है. इसमें बहुसंख्यक समुदाय के 80 से अधिक लोगो को गिरफ्तार किया गया है और 9 लोगों को जेल भेज दिया गया है. जिसके चलते पास के गांव दयालपुर, मछगर और चंदावली के लोगों ने आसपास के सारे रास्ते जाम कर दिए और विरोध प्रदर्शन किया.

दंगों की हो रही है बारिशइंसान से लेकर जानवर तक है परेशान

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आपसी भाईचारे के लिए जाने जाने वाले पलवल के टिकरी ब्राह्मण गावं में ट्यूबवेल से पानी भरने की छोटी सी बात को लेकर दो समुदाय के बीच जमकर पथराव हुआ और 15 से अधिक घर जला दिए गए. कुछ दिन पहले यूपी के मुज्ज़फरनगर में भी और शामली में भी छोटी सी बात को लेकर 2 समुदायों के बीच झगड़े की ख़बर सामने आई है. माना जा रहा है की यूपी में जिला पंचायत चुनाव के मद्देनज़र माहौल बिगड़ने की कोशिश की जा रही है. अगर हरियाणा की तरफ से नजर दौड़ाएं तो अभी हाल फिल्हाल कोई चुनाव नजर नहीं आता. फिर भी छोटी छोटी बातें बड़े विवाद का रूप ले ले रही हैं. हरियाणा पुलिस इस समय हाई अलर्ट पर है. झग़डे की आशंका के चलते केंद्र से अतरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. सर्च अभियान और पुलिस की धरपकड़ के चलते गावं के युवा आस पास के गांवों में जाकर छुप गए हैं. घरों में केवल बूढ़े, बच्चे और महिलाएं रह गई हैं. सबसे अधिक परेशानी पशुओं को उठानी पड़ रही है. कई घरों में तो पशुओं को चारा डालने वाला तक नहीं है. ये मौसम धान की बुआई का है मगर झगडे के चलते बुआई नहीं हो पाई है जिससे गावं के किसान खासे परेशान है.

पीएम ने मानवीय आधर पर चुप्पी साध रखी है

[box]By Rahul[/box]

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5 देशों के दौरे पर निकले प्रधानमंत्री मोदी ने कजाकिस्तान के साथ 5 समझौते किए हैं जो कि देश के लिए फायदेमंद है इसी के साथ मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया का प्रचार भी किया लेकिन एक तबका आरोप लगा रहा है कि पीएम देश में छिड़े बवाल को किनारे करके भाग गए हैं और इसी वजह से विपक्ष मोदी की मौनमोदी भी बुला रहा है.

कहीं मोदी भी मानवीयता के आधार पर तो मूक नहीं बने हुए

भ्रष्टाचार से जु़ड़े मुद्दों में जब नए नाम उछले तब उनमें मंत्री विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे का घोटालों में नाम आया. ललितगेट से मशहूर ललिता मोदी के पूरे मामले में वे खुद सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. ऐसा शायद ही होता है जब एक आरोपी सीबीआई जांच की मांग कर रहा हो. वहीं प्रधान सेवक ने मौन स्थिति धारण कर रखी है. पता नहीं कि कहीं मोदी भी मानवीयता के आधार पर तो मूक नहीं बने हुए, चुप्पी तोड ही नहीं रहे.

पैनी निगाहों वाले पीएम चूंके निशाना

वैसे, पैनी निगाहों वाले पीएम की निग़ाहें कहां थीं जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, ललित मोदी की सहायता कर थीं और वसुन्धरा तो कई कदम आगे निकल गईं. विपक्ष की नेता और संवैधानिक पद पर होने के बावजूद ललित मोदी को सहायता पहुंचाने वाले दस्तावेजों पर दस्तखत तक कर दिए और बात भी दबा दी.

सीएम शिवराज सीबीआई जाँच के लिए माने पर पीएम ने चुप्पी नहीं तोड़ी

ललितगेट अभी चल ही रहा है और इधर व्यापम के आरोपियों और जांचकर्ताओं की धड्डले से मौत हो रही है. करीब 500 आरोपी भी फरार हैं. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सीबीआई जाँच के लिए मान गए पर नसीब वाले पीएम ने अपनी चुप्पी नही तोड़ी.

पर मोदी इनपर भी नहीं बोलते. चलो कोई नहीं!

चलिए इसे छोड़िये लेकिन घर वापसी, बेटी बचाओ बहु लाओ, और लव ने जो जिहाद फैला रखा है उस पर तो एक्शन ले ही सकते थे पीएम पर भाषण दे कर कट लिए. जब हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर जी लड़कियों की जीन्स पर पाबंदी लगाने पर उतारू हैं तब ऐसे में सेल्फ़ी विद डॉटर और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैसे सफल होगा. पर मोदी इनपर भी नहीं बोलते. चलो कोई नहीं!

पर पीएम चुप हैं!

संविधान की शपथ लेते वक्त समानता के अधिकार और सुरक्षा का अधिकार का जिक्र हुआ था पर आरक्षण को जाट और गुजर के बीच प्रसाद की तरह बांटा जा रहा है लेकिन इस बीच दलितों और मुस्लिमों कि याद नही आई जिन्हें आरक्षण की शायदा ज्यादा जरुरत है. 26 जनवरी 2015 को धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्दों को हटाने की मांग की और हमारे प्रिये मंत्री रवि शंकर जी ने इसको लेकर सहमती भी जता दी और अब राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को राष्ट्रगन में अधिनायक शब्द से समस्या हो गयी. पर पीएम चुप हैं.

मैथ्स की जगह आईआईटी में गीता और संस्कृत पढ़ना शुरू कर दिया जाए

ख़बरों की मानें तो एसआरएफटी आई और एफटीआईआई को सेंट्रल एक्ट के तहत लानें की मंशा जताई गई है और बाद में इसमें आई आई टी और आईआईएम को भी लाया जाएगा. अब शिक्षा, सिनेमा और इंजीनियरिंग का भी बंटाधार हो गएगा. हो सकता है मैथ्स की जगह आईआईटी में गीता और संस्कृत पढ़ना शुरू कर दिया जाए.

मोदी बोलें भी तो क्या बोलें

इन सब के बाद मोदी बोलें भी तो क्या बोलें. पीएम से अपील है कि अब बोलिएगा ही मत क्योंकि हर दिन कोई न कोई बवाल खड़ा हो जाता है अब जब बवाल खड़ा करने वाले नहीं समझते की मोदीजी मौनासन योग कर रहे हैं तो अपनी बला से.

राहुल गांधी की आवाज़ लौट आई है

बताते चलें कि अपनी सरकार के दौरान मौनासन कर रहे राहुल गांधी की आवाज़ लौट आई है और वो बोलने लगे हैं.

सैमसंग ने 4G गैलेक्सी ग्रैंड मैक्स किया लॉन्च.

नई दिल्ली: कोरियन गैजेट कंपनी सैमसंग का नया फोन गैलेक्सी ग्रैंड मैक्स अब भारतीय मार्केट में मौजूद होगा. इस फोन को ऑनलाइन रिटेलर स्नैपडील पर बेचा जाएगा. कंपनी ने इस फोन की कीमत 15362 रुपए रखी है.

ये फोन पिछले महीने  कोरिया  में लॉन्च किया गया था. सैमसंग के इस स्मार्टफोन को पहले 17286 रुपए में लिस्ट किया गया था  जिसके बाद ये 15362  रुपए में आ गया है. फिलहाल स्नैपडील पर ये फोन ये स्टॉक में कब तक आएगा इसकी कोई जानकारी नहीं  दी गई है.
ये हैं इस हफ्ते लॉन्च हुए लो-बजट शानदार स्मार्टफोन सैमसंग के इस स्मार्टफोन में 5.25 इंच की स्क्रीन दी गई है. ये फोन HD डिस्प्ले क्वालिटी (720X1280 पिक्सल का  रेजोल्यूशन) देता है.  सैमसंग  गैलेक्सी ग्रैंड मैक्स में 1.2 GHz का क्वाड-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 410 प्रोसेसर दिया गया है. इसके साथ 1.5 GB रैम है.

सैमसंग गैलेक्सी ग्रैंड मैक्स में 16GB की इंटरनल मेमोरी है जिसे कार्ड की मदद से 64 GB तक बढ़ाया जा सकता है. इसके अलावा, इस फोन में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया गया है. इसमें LED फ्लैश भी है जो लो लाइट कंडीशन में भी बेहतर पिक्चर क्वालिटी  देता है.  इस फोन में 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जो 120 डिग्री वाइड एंगल व्यूइंग लेंस देता है.

फ्री हुआ फेसबुक और गूगल

नई दिल्ली: आज की तारीख में इंटरनेट की पहुंच दुनिया की 85% आबादी तक है फिर भी महज 30% आबादी ही नेट का इस्तेमाल कर पाती है. पैसे और जानकारी दो ऐसे कारण है जिसकी वजह से लोग इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं.

इन दिक्कतों को दूर करने के लिए एक नया एप्लिकेशन लांच किया गया है. एप का नाम Internet.org है. इस एप के सहारे इंटरनेट नेट से जुड़ी बेसिक सुविधाओं का फ्री में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इस एप के सहारे लोग हेल्थ, जॉब और लोकल इन्फार्मेशन की जानकारी फ्री में ब्रॉउज कर पाएंगे. इस एप का मकसद लोगों को उन जानकारियों से जोड़ना है जिससे वो इंटरनेट के बगैर नहीं जुड़ पाएंगे और उन जानकारिओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे.

इंटरनेट.ओआरजी एप सबसे पहले जांबिया (अफ्रिका का एक देश) में एयरटेल का कनेक्शन यूज कर रहे लोगों के लिए उपलब्ध होगा. वहां से शुरू होने के बाद ये अपनी सविधाएं पूरी दुनिया में फैला देगा.

इस एप के सहारे जिन चीजों को फ्री में ब्रॉउज किया जा सकेगा उनमें ये नाम शामिल हैं-

फेसबुक
गूगल सर्च
एक्यू वेदर
एयरटेल
इजीलाइब्रेरी
फैक्टस ऑफ लाइफ
गो जांबिया जॉब्स
कोकोलिको
मामा (मोबाइल अलायंस फॉर मैटरनल एक्शन)
मैसेंजर
विकिपिडिया
डब्ल्यूआरएप (वुमेन्स राइट्स एप)
जांबिया यूरिपोर्ट

…तो फेसबुक पर ‘I LOVE U’ लिखने पर हो जाएगी शादी!

 

नई दिल्ली: वैसे सारे जमाने के सामने अपने प्यार का इजहार करना कोई बुरी बात नहीं होती है लेकिन इस वैलेंटाइन डे ऐसा करना आपके लिए मंहगा साबित हो सकता है और सोशल नेटवर्किंग साइट पर केवल ‘I LOVE U’ लिखने पर ही आपकी शादी भी हो जाएगी.

 

जी हां! ऐसा हम नहीं कह रहें हैं बल्कि ऐसा कहना है हिंदू महासभा से जुड़े लोगों का. जिन्होंने कहा है कि 14 फरवरी यानी वैलेंटाइंस डे को अगर कोई पब्लिकली अपने प्यार का इजहार करता दिखा तो उसकी शादी करवा दी जाएगी.

केवल इतना ही नहीं संगठन के द्वारा यह भी कहा गया है कि अगर सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे कि फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप पर भी कोई लव प्रपोजल दिखा तो उससे जुड़े कपल्स की शादी करवा दी जाएगी.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक हिंदू महासभा के पदाधिकारीयों ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता 14 फरवरी को सोशल साइट्स पर नजर रखेंगे और ‘आई लव यू’ पोस्ट करने वालों को पकड़कर उनकी शादी करवाएंगे. इसके लिए कई शहरों में टीमें बनाई गई हैं.

आपको बता दें कि 14 फरवरी यानी वैलेंटाइंस डे के लिए यह कोई पहला फरमान नहीं है इससे पहले बजरंग दल ने कहा था कि उनके कार्यकर्ता पार्कों और मॉल्स जैसे पब्लिक प्लेसेज पर पंडित को लेकर जाएंगे. और इस मौके पर कपल्स की शादी मंत्रोच्चार, जयमाल, सिंदूर और मंगलसूत्र के साथ कराएंग.